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जन कि बात हमेशा से ही आम जन की बात देश के सामने रखने के लिए जाना जाता है. हमने बारम्बार यह साबित भी किया है. हमारे सीईओ प्रदीप भंडारी के नेतृत्व में हमारी पूरी टीम ने त्रिपुरा को एक चुनौती के रूप में लिया...

त्रिपुरा के इस बार के विधानसभा चुनाव अबतक के सबसे खास और अहम चुनावों मे से एक थे। पिछले 25 सालों से त्रिपुरा के मुख्यमंत्री की गद्दी संभाल रही सीपीआईएम को इस बार औंधे मुॅंह की खानी पड़ी। 2018 के विधानसभा चुनावों मे भारतीय जनता...

अरविंद केजरीवाल के 20 एमएलए के आॅफिस आॅफ प्राफिट के आरोप में हुए निलंबित विधायकों की विधानसभाओं का जायजा लेने जन की बात की टीम हर रोज जा रही है और मंगलवार को भी चांदनी चैक से विधायक अलका लांबा के विधानसभा क्षेत्र में जन...

2014 में जब पूरे भारत में 10 साल की कांग्रेस सरकार के बाद जो बदलाव की हवा चली थी, उसी हवा ने इस बार रूख किया है त्रिपुरा का। त्रिपुरा में बीतीं 18 फरवरी को विधानसभा चुनाव हुए है और इन चुनावों में त्रिपुरा की...

साल 2018 त्रिपुरा के इतिहास के अहम पन्नों मे शामिल होेने की कगार पर है क्योकि पिछले 25 सालों से त्रिपुरा पर अपनी सरकारी गद्दी जमाए बैठे माणिक सरकार को इस साल के चुनावों को जीतने के लिए काफी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा...

हम पहुंचे सोनामुरा विधानसभा में जहाँ हमने लोगों से पूछा की इस चुनाव में क्या होने वाला है. जिसपर एक व्यक्ति ने हमे बताया की त्रिपुरा में सब सही चल रहा है, मौजूदा सरकार से लोग खुश दिखे. उन्होंने कहा की सुरक्षा की व्यवस्था भी...

इसबार जन की बात टीम पहुंची त्रिपुरा के 'सोनामुरा विधानसभा' के 'मेला घर मार्केट' में. आपको बता दें जन की बात देश का एकमात्र मीडिया चैनल है जो त्रिपुरा चुनाव को कवर कर रहा है. सबसे पहले रिपोर्टर प्रिंस बहादुर सिंह ने लोगों से पूछा...

जन की बात पहुंचा त्रिपुरा के खोवाई में, लोगों के मुद्दे जानने के लिए जन की बात ने सबको खुल कर बोलने के लिए कहा. लोग हमसे जुड़ते हुए अपनी अपनी समस्यायों से हमे अवगत कराते रहे. इस फेसबुक लाइव को हमारे फॉउंडर सीईओ प्रदीप...

  बंगाण गाँव में पहुंचा जन की बात, लोगों के मुद्दे जानने के लिए जन की बात ने सबको खुल कर बोलने के लिए कहा. लोग हमसे जुड़ते हुए अपनी अपनी समस्यायों से हमे अवगत कराते रहे. इस फेसबुक लाइव को हमारे फॉउंडर सीईओ प्रदीप भंडारी...

जन की बात पहुंचा बागन बाजार में. हम जानने पहुंचे नरेगा से आये हुए पैसों का क्या हुआ? इस इलाके में पहले चाय के बागान होते थे, अब यहाँ तालाब के लिए गड्ढा खुदा पड़ा है, जहाँ पर मछली पालन होना था लेकिन कुछ भी...