“यह केवल चार आदमी पार्टी रह गयी है, अब यह आम आदमी पार्टी नहीं रही”, कहना था कपिल मिश्रा का: पढ़ें आकृति भाटिया के द्वारा लिया गया उनका एक्सक्लूसिव इंटरव्यू


अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के द्वारा जिन तीन व्यक्तियों को राज्यसभा भेजे जाने के लिए नामित किया गया है उनके विषय में जब हमने कपिल मिश्रा से उनकी राय जाननी चाही और इस सम्बन्ध में हमने उनसे बातचीत की. पढ़िए आकृति भाटिया द्वारा लिया गया उनका एक्सक्लूसिव इंटरव्यू जन की बात के साथ. कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी के पूर्व मंत्री हैं और उन्होंने हाल ही में अरविन्द केजीरवाल पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए हैं, वो करावल नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं.

सवाल – पार्टी द्वारा घोषित किये गए तीन नामों के विषय में क्या कहेंगे?

जवाब – हम ऐसे लोगों को अस्वीकार करते हैं जिनका पार्टी से कोई लेना देना ना हो, जिन्होंने आंदोलन के लिए कुछ ना किया हो. पैसे के दम पर राज्यसभा में जाने वाले हैं ऐसे लोग, इन्हे हम अस्वीकार करते हैं. हम सभी कार्यकर्ताओं की तरफ से एक उम्मीदवार भी घोषित करते हैं, संतोष कोली की माताश्री कलावती जी जिन्होंने केजरीवाल के संघर्ष के दिनों में उनका काफी साथ दिया था. केजरीवाल जी को दिल्ली में लेकर आई थी और अपने घर में शरण दी थी. केजरीवाल का पहला अनशन भी उन्हीं के घर से शुरू हुआ था, तो उनकी माता, कलावती जी को हम उम्मीदवार बनाएंगे

सवाल – आम आदमी पार्टी की तरफ से यह बयान आया है कि उनके द्वारा राज्यसभा के लिए चुने गए तीन व्यक्ति काफी उपयुक्त है और अपने अपने क्षेत्र में उन्होंने काफी काम किया है उस पर आपका क्या कहना है ? एक जीएसटी के ऊपर काफी काम कर चुके हैं तो वहीं दूसरे शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम कर चुके हैं तो क्यों नहीं हमें उन को स्वीकार करना चाहिए? और दूसरा सवाल यह है कि क्यों कुमार विश्वास जी को राज्यसभा नहीं भेजा गया ?

जवाब – यह प्रत्याशी उतने ही प्रसिद्ध हैं जितने केजरीवाल ईमानदार हैं. और कुमार विश्वास को सच बोलने की सजा आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने दी है. कुमार विश्वास ने केजरीवाल द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के ऊपर सवाल उठाए थे और आपको यह समझना होगा कि आम आदमी पार्टी में जो भी सवाल उठाता है उसके साथ पार्टी और अरविंद केजरीवाल यही करते हैं जो हश्र कुमार विश्वास का हुआ

सवाल – अपने भी हमेशा अपनी आवाज उठाई हो फिर वह भले ही पार्टी के अंदर से उठाना रहा हो या पार्टी के बाहर से उठाना रहा हूं लेकिन आखिर ऐसी क्या वजह है कि जब से पार्टी दिल्ली में सत्ता में आई है तब से उनके शीर्ष नेतृत्व के नेता उनसे अलग होते जा रहे हैं फिर भले ही योगेंद्र यादव हों, किरण बेदी हों. इस पर आपको क्या कहना है

जवाब – मैं मानता हूं कि जो भी व्यक्ति केजरीवाल के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है उसके साथ यही किया जाता है. फिर वह चाहे जनरल वीके सिंह हों, किरण बेदी हों, योगेंद्र यादव हों, कुमार विश्वास हों, या शाजिया इल्मी और प्रशांत भूषण हों. अंजलि धमनिया के साथ भी यही हुआ. यह कहना ठीक होगा की अब यह आम आदमी पार्टी नहीं रही, अब यह चार आदमी पार्टी बची है.

सवाल – आपकी मनोज तिवारी से नजदीकी के क्या मायने हैं? क्या आप बीजेपी में जा रहे हैं?
जवाब – देखिये, अरविन्द केजरीवाल की भी चिदंबरम से अच्छी दोस्ती है, तो क्या कहा जा सकता है की वो कांग्रेस में जा रहे हैं?

सवाल – आप की आगे की सदन में रणनीति क्या रहेगी?
जवाब – हम लंका दहन करेंगे.

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