‘अर्नब गोस्वामी’ को बदनाम करने की साजिश नाकाम, ट्रोल-आर्मी का हुआ ये हश्र

‘अर्नब गोस्वामी’ को बदनाम करने की साजिश नाकाम, ट्रोल-आर्मी का हुआ ये हश्र

Arnab Goswami

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प्राकृतिक आपदा के चपेट में आने के बाद केरल के लोगों की ज़िंदगी बर्बाद हो गयी है। ऐसे समय पर सभी भारतवासी अपने स्तर पर कुछ न कुछ सहयोग करके केरल के लोगों की मदद कर रहे हैं। पूरे देश के लोग इस दुख की घड़ी में केरल के लोगों के साथ खड़े हैं, लेकिन वहीं देश की एक “ट्रोल आर्मी” इस संवेदनशील मुद्दे पर भी ओछी और घृणित हरकतें करने से बाज नहीं आ रही।

पूरा मामला कुछ इस प्रकार से है

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दरअसल केरल में आपदा आने के बाद देश के सभी समाचार चैनलों पर खबरें दिखाई जाने लगीं और वाद-प्रतिवाद के शो चलने लगे। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन इतने से सोशल मीडिया की “ट्रोल आर्मी” का पेट नहीं भर रहा था। ट्रोलर्स अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और इसी बीच उनके हाथ अर्नब गोस्वामी का एक वीडियो क्लिप हाथ लग गया। इस वीडियो क्लिप को लेकर “ट्रोल आर्मी” उनके पीछे ही पड़ गई लेकिन असल बात तो कुछ और ही थी।

फेक न्यूज़ फैलाकर पत्रकार को बदनाम करने की साजिश

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बात कुछ ऐसी थी कि एक डिबेट के दौरान अर्नब केरल के लिए UAE के 700 करोड़ रुपए मदद वाली खबर पर बात कर रहे थे। इस डिबेट शो में अर्नब एक खास समूह को बेशर्म बता रहे हैं ऐसा दुष्प्रचार ट्रोलर समूह उनके बारे में कर रहा है। दरअसल ये वही समूह था जो केरल को मिलने वाली मदद को लेकर भी भ्रामक खबरें फैला रहा था। जब अर्नब गोस्वामी ने डिबेट के दौरान उन लोगों की आलोचना की तो खिसियाये हुए लोग उनके ही पीछे पड़ गए।

बेवजह किया गया ट्रोल

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अर्नब गोस्वामी द्वारा इन लोगों की आलोचना किये जाने के बाद ट्विटराती और ट्रोल आर्मी ने बिना पूरा वीडियो देखे उन्हें निशाने पर ले लिया। यहां तक कि ट्वीटरातियों ने उन्हें आरएसएस का अनौपचारिक प्रवक्ता तो वहीं कुछेक लोगों ने उन्हे आतंकवादी तक कह डाला।

फेक न्यूज़ फैलाने वाले समूह को मिला करारा जवाब

इस न्यूज़ के फैलने के बाद लोग अर्नब गोस्वामी के समर्थन में उतर आये। अर्नब के इस वीडियो को शेयर करते हुए राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “सोशल मीडिया पर लोग किस तरह गलत बात पर अर्नब गोस्वामी को ट्रोल कर रहे हैं।”

वहीं जन की बात के फाउंडर प्रदीप भंडारी ने इसका विरोध करते हुए ऐसे फेक न्यूज़ फैलाने वाले समूहों को आड़े हाथों लिया।

देश के तमाम मीडिया समूहों ने भी इस तरह की भ्रामक खबर का खंडन करते हुए किसी भी पत्रकार को बेवजह बदनाम करने को गलत करार दिया।